Prevention of anemia

Prevention of anemia 

 

एनीमिया का अर्थ है शरीर में खून की कमी ।हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन ऐसा तत्व है जो शरीर में खून की मात्रा बताता है। पुरुष में इसकी मात्रा 12- 16 फ़ीसदी वह महिला में 11- 14 फ़ीसदी होनी चाहिए। एनिमिया तब होता है जब हमारे खून में लाल रक्त कणों RBC या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर उसके निर्माण की दर से अधिक हो। किशोरावस्था और मोनोपॉज की आयु के बीच एनिमिया सबसे अधिक होता है। यह गर्भवती व गर्भस्थ शिशु में अधिक पाया जाता है। क्योंकि गर्भवती उतनी मात्रा में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण नहीं कर पाती। इसके मुख्य लक्षण है। त्वचा का सफेद होना, जीभ, नाखून एवं पलकों के अंदर सफेदी ,कमजोरी एवं अधिक थकावट, चक्कर आना, बेहोश होना ,सांस फूलना ,हृदय गति तेज होना, चेहरे एवं पैरों में सूजन।

 

एनीमिया से बचने का उपाय

 

फायटेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फलियों और साबुत अनाज से आयरन का अवशोषण करना मुश्किल होता है। अधिक कॉफी, ग्रीन टी ,काली चाय से भी आयरन के अवशोषण की समस्या हो सकती है। जिन लोगों में फोलेट की कमी के कारण एनीमिया हुआ उन्हें शराब का सेवन को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।

या शरीर में फोलेट का अवशोषण नहीं होने देता है।प्रकृति खाद्य पदार्थ आयरन एवं विटामिन का समृद्ध स्त्रोत्र है। आयरन और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ एनीमिया से बचाव के लिए सबसे बेहतर होता है। यह शरीर में आयरन का स्तर को बढ़ाने में मदद करता है पालक एक पत्तेदार सब्जी है जो आयरन, कैल्शियम ,फाइबर और आकजलेट से भरपूर है। पालक हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को बेहतर बनाने और एनीमिया के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। आपने आहार में पालक को शामिल करने से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है।टमाटर में काफी मात्रा में विटामिन सी होता है जो आयरन के अवशोषण में मदद करता है। इसलिए शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाने के लिए कच्चे टमाटर का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए। चुकंदर आयरन का प्रमुख स्रोत है या शरीर में लाल रक्त कणों की संख्या को भी बढ़ाता है। लाल मांस से भी आयरन का अच्छा स्रोत है। या पशु खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जो शरीर में शीघ्र अवशोषित हो जाता है। इसलिए एनीमिया पीड़ित व्यक्ति को यकृत किडनी औरहृदय को सुरक्षित रखने के लिए लाल मास का उपयोग करना चाहिए। अंडों में आयरन का अभाव होता है। लेकिन यह कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है। एनीमिया पीड़ित को प्रतिदिन अंडा का सेवन करना चाहिए। पीनट बटर में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। प्रतिदिन 2 चम्मच पीनट बटर का सेवन करने से शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है।खजूर ,किशमिश, सूखी खुबानी और आडू जैसे फल आयरन और विटामिन सी से भरपूर होता है। विटामिन सी रक्त के जरिए आयरन के अवशोषण में मदद करता है। अनार विटामिन सी और फोलेट का अच्छा स्रोत है या आयरन के अवशोषण में भी मदद करता है। सूखे मेवे ,अखरोट, मूंगफली, पिस्ता आयरन के अच्छे स्रोत है। या आयरन के स्तर को बढ़ाने में काफी मददगार है। अपने नाश्ते में हल्के भोजन के रूप में इसका इस्तेमाल करना चाहिए।मछली में भी आयरन होता है जो शरीर में शीघ्र अवशोषित होता है। एनेमिया लोगों को समुंद्री मछली को आहार में शामिल करना चाहिए हैं।

 

 

एनिमिया के मुख्य कारण

 

इसका मुख्य कारण है लौह तत्व वाली चीजों का उचित अनुपात में सेवन ना करना ,फोलिक एसिड एवं रक्त में विटामिन B12 की कमी हो जाना, मलेरिया के बाद लाल रक्त कोशिकाओं का नष्ट हो जाना,किसी भी कारण रक्त की कमी, शरीर से खून निकालना, शौचालय बार बार जाना,उल्टी ,खांसी के साथ खून आना ,माहवारी में अधिक खून रिसना, पेट के कीड़े एवं परजीवियों के कारण खूनी दस्त, पेट के अल्सर से खून आना, बार-बार गर्भधान करना दी।

इन्हीं सब कारणों से एनीमिया की कमी हो जाती है हमारे शरीर में। हमें इन बातों का खास खयाल रखना चाहिए।

 

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