It is necessary to avoid viral infection

It is necessary to avoid viral infection(वायरल संक्रमण से बचना जरूरी)

 

एक रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा लोग रेस्पिरेटडीइंफेक्शन से पीड़ित होते हैं मौसम में बदलाव से इसके संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इससे बचाव जरूरी है।हालांकि इसके लिए खुद से दवा लेना भी ठीक नहीं।

अक्सर खांसी की रोकथाम के लिए लोग क्विनोलोन जैसे— लिवोफ्लोक्यासिन, माॉक्सीफ्लोक्सासिन, एवं स्टोरायड जैसी दवाओं से करते है। इस तरह की दवाओं से टीबी के बैक्टीरिया की पहचान मुश्किल हो जाती है। अतः बिना डॉक्टरी जांच की दवा ना लें साथ ही यदि परिवार में किसी को टीबी हो तो हर सदस्य की जांच करा लें टीवी के लिए मिलने वाली दवाएं डॉट्स की पूरी खुराक खाएं इसे बीच में ना छोड़े नहीं तो टीबी कभी खत्म नहीं होगा।

अपर रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (URI)

 

इस तरह के संक्रमण की कई वजह हैं पर कमजोर इम्यूनिटी सिस्टम के कारण इसका संक्रमण बदलते मौसम में अधिक देखा जाता है। उदाहरण के लिए अचानक बारिश हो,फिर ठंड आ जाए और दो-तीन दिन बाद कड़ी धूप हो अधिक ठंड में भी इस तरह से संक्रमण परेशानी बढ़ जाती है बच्चों और बुजुर्गों में यह संक्रमण ज्यादा परेशान करते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उन्हें इस तरह के संक्रमण से बचाने के लिए ठंड में बाहर जाने से रोका जाए।गर्म कपड़े पहन कर ही बच्चों को बाहर निकलने दे इस मौसम ठंड के बढ़ते ही लोग रूम हीटर का उपयोग करने लगते हैं इससे ना केवल आपकी त्वचा की नमी खत्म हो जाती है। बल्कि घर का वातावरण इतना गर्म होता है कि यदि आप अचानक से बाहर निकले तो ठंड का एक्सपोजर आपको तुरंत बीमार कर सकता है।

 

वैक्सीन भी है मौजूद

जिन लोगों को सीओपीडी या दमा की समस्या हो उसे ठंड के मौसम में शुरू होने से पूर्व ही निमोकोकल और इंफ्लूएंजा वैक्सीन दी सकती हैजिससे की उन्हें बदलते मौसम में वायरल संक्रमण और निमोनिया होने का खतरा ना हो यह वैक्सीन वैसे मरीजों को भी लगवा लेना चाहिए जिन्हें अक्सर सर्दी जुकाम या सांस फूलने आदि की समस्या हो।इसमें एक बात का ख्याल और रखें कि नीमोकाकल वैक्सीन जहां जीवन में एक बार ही दी जाती हैवही इंफ्लूएंजा वैक्सीन साल में एक बार दी जाती है।कभी कभी जरूरत पड़ने पर डॉक्टर 5 साल में एक बार नीमोकॉकल वैक्सीन लेने की सलाह दे सकते हैं। क्रॉनिक डिजीज या मल्टीपल डिजीज से पीड़ित लोगों को यह वैक्सीन जरूर लेना चाहिए। क्योंकि अन्य रोगों के कारण उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो चुकी होती है और वायरल संक्रमण उनमें जल्दी होते हैं।

 

लक्षण

 

 

लक्षण की बात करें तो यह आम सर्दी बुखार की तरह ही सर्दी जुकाम कफ या बलगम हल्का बुखार हो सकता है सिर दर्द या सिर और नाक का भारी लगना नाक से लगातार पानी या बलगम आना जैसी परेशानियां हो सकती है। इसमें अमूमन तेज बुखार कम ही देखा जाता है पर सर्दी में दर्द और अकङन होती है। सिर भारी लगता है और काम में भी मन नहीं लगता।

 

 

2 Comments on “It is necessary to avoid viral infection”

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