Breast cancer

Breast cancer

 

कैंसर एक जानलेवा रोग है जिसका सटीक कारण अब तक पता नहीं चल पाया।

कोई यह भी नहीं कह सकता कि उसे कैंसर हो सकता है और उसे नहीं होगा।

आज शरीर के हर एक भाग में कैंसर होने का खतरा हो गया है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और ओवरी कैंसर सबसे अधिक देखा जाता है।

 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक 2016 में कैंसर के 14 लाख मामले देखे गए थे । इस संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है देश में 30 से 50 वर्ष की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का काफी अधिक मामला देखने को मिल रहा है।दुख की बात यह है कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर का सर्वाइवल रेट बहुत निराशाजनक है।

 

 

शहरी इलाकों की जीवनशैली

 

शहरी परिवेश की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिला और पुरुष दोनों का ही तमाम तरह से व्यस्त नजर आते हैं । इसी व्यस्त वाली जिंदगी के कारण अपने स्वास्थ्य पर ध्यान ना देना, खानपान की वजह से हार्मोन असंतुलन होना शरीरिक समस्याओं के कारण बनता है।

अक्सर देखा गया है कि महिलाएं ब्रेस्ट में नजर आने वाली गांठ को ऐसे ही नजरअंदाज कर देती है। जो बाद में कैंसर का रूप लेकर जानलेवा साबित हो जाता है।

 

शुरुआती अवस्था में उपचार संभव

 

स्तन कैंसर का शुरुआती दो अवस्था में उपचार संभव है। पहला स्टेज में डॉक्टर कुछ दवा दे सकते हैं। वहीं दूसरे से चौथी स्टेज के लिए सर्जरी के साथ कीमोथेरेपी और एडियेशन थेरेपी की जरूरत होती है।

रेडिएशन थेरेपी ना कराने से कैंसर फिर से होने की आशंका 25 ℅ तक बढ़ जाती है। इसलिए सर्जरी के बाद रेडियो थैरेपी दी जाती है ताकि सर्जरी के बाद बचे हुए कैंसर कोशिकाओं और उसके आसपास से प्रभावित कोशिकाओं को नष्ट कर दोबारा कैंसर की आशंका को खत्म किया जा सके।

 

कीमोथेरेपी

 

कैंसर अगर दोबारा हो तो कीमोथेरेपी की जरूरत होती है।कीमोथेरेपी को हार्मोनल कीमोथेरेपी भी कहते हैं ।

जब जांच में कैंसर के एस्ट्रोजेन रिसेप्टर पॉजिटिव हो तो यह थेरेपी में दी जाती है।

इसके अलावा कुछ हार्मोन संतुलन के लिए भी दवाई दी जाती है जो शरीर में एस्ट्रोजेन लेवल को संतुलित कर सके।

 

जागरूकता और तुरंत इलाज से बच सकती है जान 

 

कैंसर को रोक पाना संभव नहीं या किसको होगा किसको नहीं यह पहचाना बहुत मुश्किल है पर जो संभव है वह है जागरूकता।

जिससे इसकी तुरंत पहचान हो सके ताकि शुरुआती अवस्था में इसका इलाज कर इसे जड़ से ठीक किया जा सके।

कुछ गलत सेवन जैसे शराब और सिगरेट का अधिक सेवन इसको बढ़ावा दे सकता है या देता भी है।

इस तरह के सेवन से हमेशा हम सब को दूर रहना चाहिए। जो कैंसर का कारण बन सकता है।

जब भी महिलाए स्नान करने जाए तो सप्ताह में एक बार जरूर अपने स्तनों को गोलाकार अवस्था में ऊपर से नीचे नीचे से ऊपर की ओर छूकर देखें कि स्तन में कोई गांठ या सूजन तो नहीं है।

ब्रेस्ट कैंसर की सबसे बड़ी पहचान यही है।

और जरा सा भी शक हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। ताकि कैंसर जैसे खतरनाक बीमारी से बचा जा सकें।

नोट:- छोटी से छोटी बड़ी से बड़ी बीमारियों के होने का बस एक ही कारण है। हमारे जीवन यापन में बदलाव।

 

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